Yashoda Ka Nandlala Lyrics

यशोदा का नन्द लाला भजन

यशोदा का नन्द लाला भजन

यशोदा का नन्द लाला ब्रिज का उजाला है
मेरे लाल से तो सारा जग जिल मिलाये
रात ठंडी ठंडी हवा गा के सुलाए
भोर गुलाबी पलके झूम के जगाए,
यशोदा का नन्द लाला ब्रिज का उजाला है

सोते सोते गेहरी नींद में मुना क्यों मुस्काये,
पूछो मुझसे मैं जानू इस को क्या सपना आये
युग युग से ये लाल है अपना
हर पल देखे बस यही सपना,

जब भी जन्म ले मेरी गोद में आये
मेरे लाल से तो सारा जग झिलमिलाये
यशोदा का नन्द लाला ब्रिज का उजाला है

मेरी ऊँगली थाम के जब ये घर आँगन में ढोले,
मेरे मन में सोई सोई ममता आँखे खोले
छुप के छुप के मुझको ताके
जैसे ये मेरे मन में झांके

चेहरे से आँखे नही हट ती हटाए
मेरे लाल से तो सारा जग झिलमिलाये
रात ठंडी ठंडी हवा गा के सुलाए
भोर गुलाबी पलके झूम के जगाए ,
यशोदा का नन्द लाला ब्रिज का उजाला है|

One thought on “Yashoda Ka Nandlala Lyrics

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *