Racha Hai Srishti Ko Jis Prabhu Ne Lyrics
रचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने फसी भवर में थी मेरी नैया। रचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने,रचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने,वही ये श्रष्टि चला रहे….
रचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने फसी भवर में थी मेरी नैया। रचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने,रचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने,वही ये श्रष्टि चला रहे….