Gauri Ke Nanda Gajanand Gauri Ke Nanda
गौरी के नंदा गजानन, गौरी के नन्दा – भजन ॥ श्लोक ॥गजानंद आनंद करो,दो सुख सम्पति में शीश,दुश्मन को सज्जन करो,निवत जिमावा खीर । सदा भवानी दाहिनी,सनमुख रहत गणेश,पाँच देव….
गौरी के नंदा गजानन, गौरी के नन्दा – भजन ॥ श्लोक ॥गजानंद आनंद करो,दो सुख सम्पति में शीश,दुश्मन को सज्जन करो,निवत जिमावा खीर । सदा भवानी दाहिनी,सनमुख रहत गणेश,पाँच देव….
गणपति मेरी बिगड़ी गणपति मेरी बिगड़ी बना दो काट दो मेरे गम के ये साये,लेके फर्याद दर पे खड़ी हु बस तुम्ही तुम हो मेरे सहाये,गणपति मेरी बिगड़ी बना दो….