Hanuman Amritwani Lyrics
श्री हनुमान अमृतवाणी रामायण की भव्य जो माला हनुमत उसका रत्न निरालानिश्चय पूर्वक अलख जगाओ जय जय जय बजरंग ध्याओ अंतर्यामी है हनुमंता लीला अनहद अमर अनंतारामकी निष्ठा नस नस….
श्री हनुमान अमृतवाणी रामायण की भव्य जो माला हनुमत उसका रत्न निरालानिश्चय पूर्वक अलख जगाओ जय जय जय बजरंग ध्याओ अंतर्यामी है हनुमंता लीला अनहद अमर अनंतारामकी निष्ठा नस नस….