श्यामा संग प्रीत लिरिक्स हिंदी में
दूर से आया बाबा धाम तेरे खाटू
दूर से आया बाबा धाम तेरे खाटू -2
दर्द न कंहू में किसी से बस तो से बांटू
दर्द न कंहू में किसी से बस तो से बांटू -2
मुझको सताए जो आके कभी दर्द बस नाम है तेरा लेना
गम मेरे हरके तू ओ मेरे बाबा बस खुशिया तू मुझको देना
तेरा ही नाम लेके बाबा में रोज चलता रहता हूँ
श्यामा प्रीत में तोसे लगा बैठा हूँ -2
बाबा प्रीत में तोसे लगा बैठा हूँ
शीश जो माँगा हरी ने एक बार में दे डाला
कलयुग में रूप हरी का लेके संसार को पाला
शीश जो माँगा हरी ने एक बार में दे डाला
कलयुग में रूप हरी का लेके संसार को पाला
हारे का तुम ही केवल हो एक सहारा
जिसका न कोई जगत में श्याम हमारा
तेरी बदौलत हर कष्ट रोज हँसते हुए ही तो सहता हूँ
श्यामा प्रीत में तोसे लगा बैठा हूँ -2
बाबा प्रीत में तोसे लगा बैठा हूँ
तीन बाण धारी हारे युद्ध के सहाये
शीश से बाबा तुम शीषगूल कहलाये
तीन बाण धारी हारे युद्ध के सहाये
शीश से बाबा तुम शीषगूल कहलाये
माता मुरीद के हो राजदुलारे
कृष्ण कन्हैया के भी हो अति तुम प्यारे
एक तुम ही श्यामा मेरे हो अपने बाकि सबको पराया में कहता हूँ
श्यामा प्रीत में तोसे लगा बैठा हूँ -2
बाबा प्रीत में तोसे लगा बैठा हूँ