Mere Ram Van Van Bhatak Rahe Lyrics

मेरे राम वन वन भटक रहे

मेरे राम वन वन भटक रहे,मेरी सिया गई तो कहां गई।

मेरे राम वन वन भटक रहे,मेरी सिया गई तो कहां गई।

पेड़ और पौधों तुम ही बता दो,क्या फूलों में वो समाए गई।

मेरी सिया गई तो कहां गई।
मेरे राम वन वन भटक रहे, मेरी सिया गई तो कहां गई।



गंगा यमुना तुम ही बता दो,
क्या लहरों में वो समाए गई , मेरी सिया गई तो कहां |

मेरे राम वन वन भटक रहे, मेरी सिया गई तो कहां गई।

मेरे राम वन वन भटक रहे मेरी सिया गई तो कहां गई।



ऋषि और मुनियों तुम ही बता दो।
क्या जोगन होकर निकल गई,मेरी सिया गई तो कहां गई।

मेरे राम वन वन भटक रहे, मेरी सिया गई तो कहां गई।

मेरे राम वन बन भटक रहे, मेरी सिया गई तो कहां गई।



अंजनी के लाला तुम ही बता दो।

क्या पापी रावण ले गया , मेरी सिया गई तो कहां गई।
मेरे राम वन वन भटक रहे , मेरी सिया गई तो कहां गई।

सूरज चंदा तुमही बता दो,
क्या तारों में वो समाए गई , मेरी सिया गई तो कहां गई।
मेरे राम वन वन भटक रहे , मेरी सिया गई तो कहां गई।



धरती अम्बर तुम ही बता दो।
क्या धरती में वो समाए गई , मेरी सिया गई तो कहां गई।
मेरे राम वन वन भटक रहे ,मेरी सिया गई तो कहां गई।

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