Month: January 2024

Om Jai Bhagwat Geeta Aarti Lyrics

भगवद्‍ गीता की आरती जय गीता माता श्री जय गीता माता।सुख करनी दुःख हरनी तुमको जग गाता।टेक- जय गीता माता, मैया जय गीता माता।सुख करनी दुःख हरनी तुमको जग गाता।अज्ञान….

Sita Aarti Lyrics

सीता माता की आरती ल‍िर‍िक्‍स ह‍िंदी में आरती श्रीजनक-दुलारी की। सीताजी रघुबर-प्यारी की।।जगत-जननि जगकी विस्तारिणि, नित्य सत्य साकेत विहारिणि।परम दयामयि दीनोद्धारिणि, मैया भक्तन-हितकारी की।।आरती श्रीजनक-दुलारी की। सतीशिरोमणि पति-हित-कारिणि, पति-सेवा-हित-वन-वन-चारिणि।पति-हित पति-वियोग-स्वीकारिणि,….

Shani Dev Aarti Lyrics

आरती: श्री शनिदेव – जय जय श्री शनिदेव जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥॥ जय जय श्री शनिदेव..॥ श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा….

Surya Bhagwan Ki Aarti

सूर्य देवता की आरती ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।      ।।ॐ जय….

Aarti Shri Ramayan Ji Ki

आरती: श्री रामायण जी  आरती श्री रामायण जी की ।कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद ।बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥शुक सनकादिक शेष अरु शारद ।बरनि पवनसुत….

Hanuman Ji Aarti Lyrics

हनुमान आरती ॥ श्री हनुमंत स्तुति ॥मनोजवं मारुत तुल्यवेगं,जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं,श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥ ॥ आरती ॥आरती कीजै हनुमान लला की ।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥….

Saraswati Mata ki Aarti Lyrics

माँ सरस्वती जी – आरती जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता ।सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता ॥जय जय सरस्वती माता…॥ चन्द्रवदनि पद्मासिनि,द्युति मंगलकारी ।सोहे शुभ हंस सवारी,अतुल तेजधारी ॥जय जय सरस्वती….

Vishnu Ji Ki Aarti Lyrics

भगवान विष्णु की आरती ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे….

Shiv Ji Ki Aarti Lyrics

शिव आरती – ॐ जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा।ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा ॥ॐ जय शिव ओंकारा…॥ एकानन चतुराननपंचानन राजे ।हंसासन गरूड़ासनवृषवाहन साजे ॥ॐ जय शिव….

Khatu Shyam Ki Aarti Lyrics

श्री खाटू श्याम आरती ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।खाटू धाम विराजत,अनुपम रूप धरे॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । रतन जड़ित सिंहासन,सिर….